उत्तराखण्ड में आफत की बारिश मौत के आगोश में समा गई कई जिंदगियां

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उत्तराखंड में रविवार का दिन प्रदेशवासियों के लिए काफी दुखद दिन रहा प्रदेश में एक के बाद एक कई आपदाओं के चलते भारी जन और धन की हानि हुई है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में रुक-रुक कर हो रही भारी बरसात के चलते तमाम जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं और नदियां अपने उफान पर हैं।

उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में बादल फटने की घटना से अब तक 18 लोग असमय काल का ग्रास बन चुके हैं और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रामनगर से गैर सेंड की ओर जा रही यात्रियों से  भरी एक बस उफनते नाले में बह गई। रामनगर से रविवार सुबह यूके-04-पीए-1167 नंबर की बस करीब 15 से ज्यादा सवारियां लेकर गैरसैंण की ओर रवाना हुई थी। जो हाईवे पर सूंदरखाल के पास नाले को पार करते समय नाले में पानी के तेज बहाव के साथ यात्रियों से भरी बस नाले में बह गई।

रविवार को धारचूला तहसील के अंतर्गत पिथौरागढ़ धारचूला राजमार्ग पर नया बस्ती के पास मदकोट से धारचूला जा रही एक वाहन पर चट्टान से आकर एक बड़ा पत्थर गिरा जिसमें 1 व्यक्ति गंभीर रुप से घायल हो गया चालक की कुशलता से एक बड़ा हादसा होते होते बचा ।

देहरादून के रायपुर क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए एक परिवार की महिला की भी बरसाती नदी की चपेट में आकर मौत हो गयी। चकराता क्षेत्र में देहरादून और हिमाचल के बॉर्डर पर एक कार घंटों नदी के बहाव में फंसी रही जिसे बाद में जेसीबी के जरिए बाहर निकाला गया।

कुल मिलाकर उत्तराखंड आपदा प्रबंधन ने बरसात के मौसम में अब तक प्रदेश में लगभग 50 मौतों का दावा किया है। यह भी कहा गया है कि पिछले साल करीब 100 लोग बरसात के समय आई विभिन्न आपदाओं में मौत के मुंह में समा गए थे।

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का कहर जारी है। बारिश और भूस्खलन से जल-प्रलय जैसा मंजर हो गया है। संपर्क मार्ग बहने से पहाड़ों पर बसे दर्जनों गांवों का संपर्क भी कट गया है। उत्तरकाशी में बादल फटने से 18 लोगों की मौत हो गई है और 6 से अधिक लोग लापता हैं। सीमांत जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में बंगाण, आराकोट क्षेत्र के टिकोची में बादल फटने से 10 लोगों की मौत और करीब 6 लोगो के लापता की खबर सामने आ रही है। घायलों को आपदा प्रबंधन विभाग रेस्क्यू कर हॉस्पिटल पहुंचा रहा है। वायु सेना का हेलीकाप्टर भी राहत कार्य मे लगाया गया है। चारो तरफ बस आपदा का मंजर देखा जा रहा है। शवो की खोजबीन जारी है।

टोंस नदी, पावर नदी खतरे के निशान पार कर एक बड़े क्षेत्र में नुकसान पहुँचाया है। क्षेत्र के डगोली, ईशाली, मुलाना, मोल्डी, बरनाली, चिंवा, टिकौची, आराकोट, गोकुल, जोटाड़ी, मौंडा, बलावट सनैल आदि गांव में नुकसान पहुंचा है। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान तबाही डगोली, टिकोची आराकोट, मोल्डा गांव में हुआ है। प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम, सहित रेडक्रॉस, खाद्य आपूर्ति, राजस्व, आईटीबीपी, क्यूआरटी, पेयजल, सड़क, सतलुज जल विद्युत परियोजना,की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद है और राहत बचाव कार्य कर रहे है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रभारी सचिव एस० ए० मुरुगेशन ने बताया कि अभी तक करीब 10 लोगो की मौत और 6 लोग लापता है। कई गावो में रहत बचाव के लिए एसडीआरएफ टीम रवाना कर दी गयी है। ताकि वह के स्थानीय निवाशियो रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके।

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