एक क्रिकेट टूर्नामेंट जिसकी शुरुआत चाय की चुस्कियों के साथ हुई…….

पिछले 37 सालों से देहरादून में गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है। इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि जिस उभरते हुए क्रिकेट खिलाड़ी ने यह क्रिकेट खेला उसका सलेक्शन इंडियन क्रिकेट टीम में हुआ। आपको यकीन नहीं आएगा लेकिन आंकड़े तो कुछ यही बताते हैं।

भारत के स्टार क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी जब झारखंड की ओर से क्रिकेट खेलने गोल्ड कप में पहुंचे तो धोनी ने देहरादून के रेंजर्स क्रिकेट ग्राउंड से 1 छक्का मारा जो फॉरेस्ट के रेंजर ऑफिस तक पहुंचा यह अब तक का सबसे लंबा छक्का है जिसे फिर कोई क्रिकेट खिलाड़ी छू तक नहीं पाया। महेंद्र सिंह धोनी ही नहीं बल्कि वीरेंद्र सहवाग पीयूष चावला अमित मिश्रा गौतम गंभीर सुरेश रैना आरपी सिंह भुवनेश्वर कुमार कुलदीप यादव और ऋषभ पंत न जाने कितने खिलाड़ियों की फेहरिस्त है जिन्होंने देहरादून में गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट खेला और उसके बाद वह भारतीय टीम का हिस्सा बन गए।

यह कहानी हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि उत्तराखंड में अब बीसीसीआई के सभी फॉर्मेट के क्रिकेट टूर्नामेंट होंगे क्योंकि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को बीसीसीआई ने पूर्ण कालीन सदस्य की मान्यता दे दी है सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित प्रशासकों की टीम ने उत्तराखंड को भी अब मान्यता दे दी है।

इस मान्यता के मायने पहाड़ के लिए बहुत ज्यादा है क्योंकि अब पहाड़ के बच्चों को दूसरे राज्यों से नहीं खेलना पड़ेगा। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव पीसी वर्मा और उनके दोस्तों ने 37 साल पहले जिस गोल्ड कप की शुरुआत की आज उसी गोल्ड कप की परफॉर्मेंस को आधार मानते हुए बीसीसीआई ने मान्यता प्रदान की है। पीसी वर्मा से जब पूछा कि आखिर कभी उन्होंने सोचा था कि उनके स्टेट की भी अपनी एक एसोसिएशन होगी जहां से वह नए और यंग टैलेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में मदद करेंगे। नम आंखों और भरे हुए गले से पीसी वर्मा ने कहा कि हर बच्चे के टैलेंट को आगे लाना हमारा काम है हम अपनी एसोसिएशन के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहाड़ के बच्चों को पहुंचाएंगे। गोल्ड कप के शुरुआती दौर में लोगों से ₹1 से लेकर ₹20 तक का चंदा लेकर टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। कोई साथी पेंट और माइक की व्यवस्था कर देता था तो किसी से खिलाड़ियों को होटल में ठहराने और खाने की व्यवस्था में सहयोग करने के लिए कहते थे। लेकिन एक जुनून और लग्न का परिणाम है कि आज उत्तराखंड को मान्यता बीसीसीआई ने दे दी है।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को बीसीसीआई की मान्यता मिलने से अब क्रिकेट के सभी फॉर्मेट के मैच उत्तराखंड में होंगे और पहाड़ के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

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