दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून के यमुना कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चकराता रोड स्थित एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी सील कर प्रयोगशाला भेजा गया। इसके अलावा तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी मिलने तथा सुधार संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।
*एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने, सिरप भी जांच के दायरे में*
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र की टीम ने यमुना कॉलोनी स्थित एडीज बेकरी का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए हेज़लनट चॉकलेट केक और क्रीम के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त प्रिंसटिन ब्रांड के पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी जांच के लिए सील किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
*निरीक्षण में दस्तावेजों की कमी भी आई सामने*
विभागीय जानकारी के अनुसार, एडीज बेकरी के निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रख रही हैं।
*तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी, निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई*
इसी अभियान के तहत तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी पाए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार, पहले संबंधित प्रतिष्ठान को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक रसोई का संचालन स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कैफे संचालक ने इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 और 58 के अंतर्गत वाद दायर करने की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कार्यदिवस में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी, देहरादून के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय करना है।
*जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। विभाग का यह अभियान त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
*आयुक्त विनय शंकर पांडे का बयान*
आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला जांच में नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


