देहरादून। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की ओर से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए दैनिक लंगर सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। कोविडकाल के चलते 2020 में स्थगित किए गए गुरु के लंगर को करीब दो साल बाद फिर से सुचारू होने से खासकर गरीब तबके से जुड़े मरीजों व उनके तीमारदारों को दैनिक भोजन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।सोमवार को एम्स परिसर में अरदास के बाद श्रीहेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से गुरु का लंगर विधिवत शुरू कर दिया गया। इस दौरान गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के ट्रस्टी सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा की अगुवाई में ट्रस्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों व सेवादारों ने एम्स में उपचार कराने आए मरीजों, उनके तीमारदारों व अन्य लोगों को गुरु का लंगर वितरित किया।
इस अवसर पर एम्स संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने बताया कि गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड साहिब ट्रस्ट की ओर से एम्स हॉस्पिटल में फिर से गुरु का लंगर शुरू किए जाने से यहां उपचार कराने के लिए आने वाले रोगियों एवं उनके तीमारदारों को नियमितरूप से भोजन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने एम्स परिवार की ओर से मरीजों की सुविधा के मद्देनजर अस्पताल परिसर में गुरु का लंगर शुरू करने पर गुरुद्वारा प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित किया। गुरुद्वारा के मुख्य ट्रस्टी सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि संतों व एम्स के चिकित्सकों की प्रेरणा से गुरुद्वारा ट्रस्ट ने अस्पताल में लंगर सेवा पुनः प्रारंभ की है,जिसे लगभग दो साल पहले कोविड संक्रमण को देखते हुए एम्स प्रशासन की सलाह पर स्थगित कर दिया गया था।
इस अवसर पर निर्मल आश्रम के संत राम सिंह महाराज, संत जोध सिंह महाराज, एम्स के उपनिदेशक अच्युत रंजन मुखर्जी, अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. अश्वनी कुमार दलाल, डा. अनुभा अग्रवाल, वरिष्ठ प्रशसनिक अधिकारी शशिकांत, गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार दर्शन सिंह, एमएम शर्मा, दीप शर्मा, जगमोहन सकलानी, जयेंद्र रमोला, विनोद शर्मा,जितेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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