लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों व अफसरों से कहा है कि सभी विभागों को 100 दिन के बाद जनता के सामने अपने काम का ब्योरा देना होगा। जनहित की योजनाओं के लिए धनराशि की कमी नहीं है, लेकिन वित्तीय संतुलन जरूरी है। उन्होंने सभी को मितव्ययिता पर ध्यान देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कृषि सेक्टर से जुड़े विभागों की ओर से प्रस्तावित कई नई योजनाओं व कार्यक्रमों पर आगे बढ़ने को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार खाद्य तेलों व दलहन उत्पादन की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल के समक्ष कृषि सेक्टर से जुड़े सात विभागों ने भावी कार्ययोजना की प्रस्तुतिकरण हुआ। इसी बैठक में मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को रोजगार सृजन के अवसरों पर फोकस रखना होगा और जो योजना शुरू की जाए उसे समयबद्ध रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए संकल्पित है।

आगले 5 वर्ष में ऐसा परिवेश तैयार किया जाए जहां पर्यावरण संवेदनशील कृषि व्यवस्था हो। खाद्यान्न एवं पोषण की सुरक्षा हो। उन्होंने प्रदेश की बढ़ती आबादी के लिए खाद्य तेलों व दलहन की उपलब्धता बढ़ाने पर खास जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी खाद्य तेलों की जरूरत के सापेक्ष केवल 30-35 फीसदी तथा दलहन का उत्पादन 40-45 फीसदी हो रहा है। इसे मांग के अनुरूप उत्पादन तक लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि तिलहन और दलहन उत्पादन को बढ़ाना ही होगा। लघु एवं सीमांत किसानों की भूमिका इसमें अहम होगी।

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