तीन दिवसीय अखिल भारतीय विस्तारक आभ्यास वर्ग के समापन अवसर पर सतपाल महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व संस्कारों के लिए आवश्यकता है बड़े स्तर पर अनुसंधान की
हरिद्वार। अध्यात्म को जानने के लिए गुरू के पास जाना पड़ता है। गुरू ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उत्तराखंड हमारी देव भूमि और संस्कार भूमि है।…
