Category: बड़ी खबर

न्यू ईयर 2021 : सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दी नववर्ष की बधाई, एक साल की उपलब्धियां भी गिनाईं

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई व शुभकामनाएं दीं हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की…

शिक्षकों के विवादों के बाद अब शिक्षकों को मिलेगा शीतकालीन अवकाश.

उत्तराखंड में शिक्षकों और उत्तराखंड सरकार के बीच शीतकालीन अवकाश रद्द किए जाने का विवाद अब सुलझ गया है। अब शिक्षकों को शीतकालीन अवकाश दिया जाएगा , इसको लेकर शिक्षा…

उत्तराखंड वन विभाग के अब नए मुखिया राजीव भरतरी होंगे

उत्तराखंड वन विभाग के अब नए मुखिया आईएफएस अधिकारी राजीव भरतरी के नाम पर मुहर लग गई है। शासन से जल्द ही उनके नाम को लेकर आदेश जारी हो सकते…

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की नई कोविड-19 गाइडलाइंस

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना मामलों के मद्देनजर एक फ्रेश गाइडलाइंस जारी की है। इसमें मौजूदा कोविड-19 गाइडलाइंस को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय…

उत्तराखण्ड को सांसद बलूनी की एक और सौगात, प्रदेशवासियों को दो जनशताब्दी ट्रेनों का तोहफा

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी उत्तराखंडवासियों को एक और तोहफा देने जा रहे हैं। इस बार बलूनी के प्रयासों से प्रदेश में दो और नई जनशताब्दी…

डीजीपी अशोक कुमार की सराहनीय पहल अब पुलिसकर्मियों को मिलेगा साप्ताहिक अवकाश

डीजीपी अशोक कुमार की सराहनीय पहल जनपद पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चम्पावत में नियुक्त पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक विश्राम प्रदान करने के निर्देश किये जारी…

मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एम्स में किया गया शिफ्ट

मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को दिल्ली एम्स में किया गया शिफ्ट हल्के निमोनिया के कारण किया गया दिल्ली शिफ्ट कल दोपहर में हल्के संक्रमण के चलते देहरादून के दून हॉस्पिटल…

मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अस्पताल में हुए भर्ती

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रविवार रात को दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें इंफेक्शन की कुछ दिक्कत हुई है…

जरूरतमंदों के लिए वरदान बनी अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना

दो साल पहले की ही तो बात है, जब उपचार बेहद महंगा होने के कारण गरीब तबके के मरीज प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।…