देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने आधुनिक तकनीक का मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (ICCCC) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
​खराब मौसम में भी ‘सुपर एक्टिव’ है कंट्रोल रूम
​सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर स्थापित यह आधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी हेली सेवाओं की हर गतिविधि पर सतत निगरानी रख रहा है। यहाँ तैनात विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा मानकों में कोई चूक न हो।

​ केंद्र में DGCA, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और यूकाडा की 6 सदस्यीय टीम तैनात है।
​ प्रत्येक हेली ट्रिप, शटल सेवा और हेली रूट की ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
​ सभी हेली रूट्स पर लगे हाई-टेक कैमरों से लैंडिंग और टेकऑफ की निगरानी हो रही है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सके।
​DGCA, IMD और UCADA
​यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ बेहतर समन्वय के लिए सहस्त्रधारा और सिरसी में विशेष सेंटर बनाए गए हैं। यहाँ मौसम विभाग के सटीक पूर्वानुमान के आधार पर ही उड़ान की अनुमति दी जाती है, जिससे जोखिम की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
​हमारा लक्ष्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से चारधाम हेली यात्रा को अधिक सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बनाना है।
— डॉ. आशीष चौहान, सीईओ, यूकाडा

​यात्रियों को मौसम और उड़ानों की रियल-टाइम जानकारी मिल पाती है।
​ किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में कंट्रोल सेंटर तुरंत एक्शन लेता है।
​ट्रैकिंग डिवाइस के कारण उड़ानों के संचालन में पूरी पारदर्शिता बनी रहती है।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम न केवल यात्रियों के सफर को सुरक्षित बना रहा है, बल्कि इससे चारधाम यात्रा की वैश्विक छवि में भी सुधार हो रहा है। तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का यह मेल चारधाम यात्रा को एक नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।

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